रविवार, 17 जुलाई 2011

कौन दिशा से आए हो


कौन दिशा से

आए हो ,

कौन दिशा को

जाना है ,

कितने दिन को

आए हो ,

जाकर फिर कब

आना है ,

क्या कुछ लेकर

आए हो ,

क्या कुछ लेकर

जाना है |



कौन

तुम्हारे संबंधी ,

किन जन्मों का

नाता है ,

काहे

मोह किया सबसे ,

साथ कोई क्या

जाता है |



क्या

ऐसे ही आए थे ,

जैसे

तुम अब दिखते हो ,

चंदा सा

चेहरा लाए ,

कजरारे

नयना लाए ,

देवदूत सा बदन मिला ,

पर तुमने

क्या हाल किया |



कितने महल बनाओगे

क्या सब में

रह पाओगे ,

कितनी ज़मीं खरीदोगे ,

दो गज जगह ही पाओगे |



घर, बेटा

पत्नी , नाती ,

संग, सखा

मितवा , साथी ,

सब पर बहुत भरोसा है

साथ कोई

क्या जाएगा ,

क्या ऐसा भी

सोचा है |



किस कारण से

आए हो ,

क्या ऐसा भी

सोचा है,

जिस कारण से

जन्म लिया,

उस को क्यों

बिसराए हो |



इत उत क्यों

भागे फिरते

इस की,उस की

क्यों करते

सारा जन्म अकारथ हो

ऐसी करनी

क्यों करते |



कुछ तो ऐसा

कर जाओ

नाम अमर

करते जाओ

जीवन के चप्पे चप्पे

भेंट नज़र

करते जाओ |



राजीव जायसवाल

१७/०२/२०११

THIS POEM IS PRESENTED BELOW IN ROMAN SCRIPT------

KAUN DISHA SE

AYE HO

KAUN DISHA KO

JANA HAI

KITNE DIN KO

AYE HO

JAKAR PHIR KAB

ANA HAI

KIS KARAN SE

AYE HO

KYA KUCH LEKAR

AYE HO

KYA KUCH LEKAR

JANA HAI.



KAUN

TUMHARE SAMBANDHI

KIN JANMON KA

NATA HAI

KAHE

MOH KIYA SAB SE

SATH KOI KYA JATA HAI.



KYA AISE HI

AYE THE

JAISE

TUM AB DIKHTE HO

CHANDA SA

CHEHRA LAYE

KAJRARE

NAINA LAYE

DEVDOOT SA

BADAN MILA

PAR TUM NE

KYA HAL KIYA.





IT UT KYON

BHAGE PHIRTE

IS KI, US KI

KYON KARTE

SARA JANAM

AKARATH HO

AISE

KARAM KIYA KARTE.



KITNE

MAHAL BANAOGE

KYA

SAB MEIN

RAH PAOGE

KITNI

JAMI KHARIDO TUM

DO GAJ

JAGHA HI PAOGE.





GHAR, PATNI

BETA , NATI

SANG, SAKHA

MITWA, SATHI

SAB PAR

BAHUT BHAROSA HAI

SATH KOI

KYA JAEGA

KYA

AISA BHI SOCHA HAI.





KUCH TO

AISA KAR JAO

NAAM

AMAR KARKE JAO

JEH

KARAN SE JANAM LIYA

USKO

KYON BISRAYE HO .



RAJIV JAYASWAL

14/02/2011



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